नमस्ते, मैं जापान के ओसाका में स्थित Grand Green Osaka Umekita Clinic का डॉ. हिदेनोरी शिमादा हूँ।
यदि आप पुनर्योजी चिकित्सा के बारे में पढ़ रहे हैं, तो आपने देखा होगा कि स्टेम सेल अलग-अलग स्थानों से प्राप्त की जा सकती हैं। सबसे अधिक चर्चा अस्थि मज्जा और वसा ऊतक की होती है। कई मरीज़, विशेषकर भारत जैसे देशों से जापान आने पर विचार करने वाले लोग, यह जानना चाहते हैं कि कोशिकाएँ वसा से क्यों ली जाती हैं और इसका उनके लिए क्या अर्थ है। इस लेख में हम इस प्रश्न को सरल भाषा में समझाते हैं। यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।
संक्षेप में निष्कर्ष
मेसेनकाइमल स्टेम सेल अस्थि मज्जा, वसा ऊतक और कुछ अन्य ऊतकों में पाई जाती हैं। माना जाता है कि वसा ऊतक में अस्थि मज्जा की तुलना में इन कोशिकाओं की मात्रा अधिक होती है, और वसा का नमूना स्थानीय एनेस्थीसिया में छोटे चीरे से लिया जा सकता है। इसी कारण कई क्लिनिक वसा को कोशिका स्रोत के रूप में चुनते हैं। फिर भी, किसी एक स्रोत को सभी के लिए बेहतर या अधिक प्रभावी कहना उचित नहीं है। उपचार का परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकता है, और यह निर्णय डॉक्टर की जाँच के बाद ही लिया जाना चाहिए।
मेसेनकाइमल स्टेम सेल क्या होती हैं?
हमारा शरीर लगभग 37 ट्रिलियन कोशिकाओं से बना है, और पुरानी कोशिकाएँ लगातार नई कोशिकाओं से बदलती रहती हैं। स्टेम सेल इस नवीनीकरण का स्रोत हैं। उनकी दो मुख्य विशेषताएँ हैं: वे अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं में बदल सकती हैं और स्वयं की प्रतिकृति भी बना सकती हैं।
मेसेनकाइमल स्टेम सेल दैहिक स्टेम सेल का एक प्रकार हैं। वे वसा कोशिकाओं, अस्थि कोशिकाओं और उपास्थि कोशिकाओं में बदल सकती हैं। इसके अतिरिक्त, शोध में यह रिपोर्ट किया गया है कि वे सूजन-रोधी पदार्थ और वृद्धि कारक स्रावित करती हैं, जो क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत में सहायक हो सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इन कोशिकाओं की संख्या घटती है, और इसके साथ ठीक होने की क्षमता भी कम हो सकती है। विश्व भर में इन पर अनुसंधान और नैदानिक अनुप्रयोग जारी हैं, लेकिन अलग-अलग स्थितियों के लिए प्रमाण का स्तर अलग-अलग है।
अस्थि मज्जा और वसा ऊतक: सामान्य अंतर
अस्थि मज्जा से कोशिकाएँ प्राप्त करना एक लंबे समय से ज्ञात तरीका है, परंतु इसमें हड्डी के भीतर से नमूना लेना पड़ता है। यह प्रक्रिया शरीर पर अपेक्षाकृत अधिक बोझ डालती है और कई लोगों को इसमें असुविधा हो सकती है। इसके विपरीत, वसा ऊतक त्वचा के नीचे आसानी से उपलब्ध होता है।
सामान्य रूप से माना जाता है कि वसा ऊतक में प्रति इकाई मेसेनकाइमल स्टेम सेल की मात्रा अस्थि मज्जा से अधिक हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि कम मात्रा का नमूना भी संवर्धन के लिए पर्याप्त हो सकता है। Grand Green Osaka Umekita Clinic में बताई गई प्रक्रिया के अनुसार, केवल चावल के दाने के आकार के कुछ वसा के टुकड़ों की आवश्यकता होती है। फिर भी, कोशिकाओं की संख्या, गुणवत्ता और संवर्धन में वृद्धि की दर हर व्यक्ति में अलग हो सकती है, इसलिए इसे एक सामान्य प्रवृत्ति के रूप में ही समझें, गारंटी के रूप में नहीं।
वसा से ली गई कोशिकाओं का उपचार किस क्रम में होता है?
इस उपचार में आपके अपने शरीर की कोशिकाओं का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले डॉक्टर परामर्श और जाँच करते हैं। उसके बाद, स्थानीय एनेस्थीसिया के अंतर्गत थोड़ी मात्रा में वसा ऊतक एकत्र किया जाता है। इसमें मौजूद मेसेनकाइमल स्टेम सेल को एक विशेष सुविधा में संवर्धित करके बढ़ाया जाता है। तैयार कोशिकाओं को बाद में नस के माध्यम से ड्रिप द्वारा शरीर में वापस पहुँचाया जाता है।
क्योंकि कोशिकाएँ आपकी अपनी होती हैं, इसलिए दाता कोशिकाओं या कृत्रिम सामग्री की तुलना में अस्वीकृति या एलर्जी प्रतिक्रिया का जोखिम कम माना जाता है। लेकिन “कम” का अर्थ “शून्य” नहीं है। वसा संग्रह के स्थान पर दर्द, सूजन या संक्रमण, तथा इन्फ्यूजन के दौरान या बाद में अन्य प्रतिक्रियाएँ संभव हो सकती हैं। संग्रह और इन्फ्यूजन दोनों बाह्य रोगी (आउटपेशेंट) सेवा के रूप में किए जाते हैं, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता सामान्यतः नहीं होती, परंतु आपकी स्थिति के अनुसार डॉक्टर अलग सलाह दे सकते हैं।
जापान की व्यवस्था और ओसाका में परामर्श
जापान में स्टेम सेल का उपयोग करने वाले उपचार “पुनर्योजी चिकित्सा की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी अधिनियम” जैसी कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं। यह थेरेपी स्वास्थ्य बीमा के दायरे से बाहर, यानी निजी (स्व-भुगतान) उपचार के रूप में उपलब्ध है। इसलिए शुल्क, जोखिम, दुष्प्रभाव और यह उपचार आपके लिए उपयुक्त है या नहीं, इन सबकी पुष्टि डॉक्टर की जाँच के बाद ही होनी चाहिए।
ओसाका के उमेदा क्षेत्र में स्थित Grand Green Osaka Umekita Clinic में इस विषय पर परामर्श लिया जा सकता है। क्लिनिक की वेबसाइट पर विदेशी मरीज़ों के लिए बहुभाषी जानकारी के पृष्ठ भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आप पहले से पढ़कर अपने प्रश्न तैयार कर सकते हैं। यदि आप भारत या किसी अन्य देश से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले ऑनलाइन या संदेश के माध्यम से जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है।
परामर्श से पहले अपने डॉक्टर से क्या पूछें
कोशिका स्रोत के बारे में निर्णय अकेले इंटरनेट की जानकारी से नहीं लेना चाहिए। परामर्श के दौरान निम्न बिंदुओं पर स्पष्ट उत्तर माँगना मददगार रहता है।
- आपकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चल रही दवाओं को देखते हुए क्या यह उपचार विचार करने योग्य है?
- वसा संग्रह की प्रक्रिया में कौन-से जोखिम और असुविधाएँ संभव हैं?
- कोशिकाओं का संवर्धन कहाँ और किस प्रकार की गुणवत्ता जाँच के साथ होता है?
- कुल शुल्क, उपचार की संख्या और जापान में ठहरने की अवधि क्या होगी?
- यह उपचार आपकी वर्तमान चिकित्सा योजना का विकल्प नहीं है, तो इसे उसके साथ किस प्रकार जोड़ा जाएगा?
अपनी पुरानी रिपोर्ट, दवाओं की सूची और एलर्जी की जानकारी साथ रखें। इससे डॉक्टर आपकी स्थिति को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
सारांश
वसा ऊतक को कोशिका स्रोत के रूप में इसलिए चुना जाता है क्योंकि इसमें मेसेनकाइमल स्टेम सेल अपेक्षाकृत अधिक मानी जाती हैं और इसे स्थानीय एनेस्थीसिया में छोटे चीरे से लिया जा सकता है। यह अस्थि मज्जा संग्रह की तुलना में शरीर पर कम बोझ डालने वाला तरीका माना जाता है। फिर भी, परिणाम व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न हो सकते हैं, और कोई भी उपचार परिणाम की गारंटी नहीं देता। यह उपचार निजी चिकित्सा के रूप में, जापान के नियमों के अंतर्गत दिया जाता है, और इसकी उपयुक्तता, जोखिम तथा शुल्क की पुष्टि केवल डॉक्टर के परामर्श से की जा सकती है। निर्णय लेने से पहले पर्याप्त समय लें और अपने प्रश्न स्पष्ट रूप से पूछें।
- 1परामर्श और जाँच
- 2वसा का संग्रहस्थानीय एनेस्थीसिया
- 3कोशिका संवर्धन
- 4नस से इन्फ्यूजन
यह चित्र लेख की सामग्री को समझाने वाला एक वैचारिक आरेख है।
संदर्भ
- PMC: Ultrasound-Assisted Liposuction Does Not Compromise the Regenerative Potential of Adipose-Derived Stem Cells. (2016)
- PMC: The canine epiphyseal-derived mesenchymal stem cells are comparable to bone marrow derived-mesenchymal stem cells. (2015)
- PMC: Impact of the Different Preparation Methods to Obtain Human Adipose-Derived Stromal Vascular Fraction Cells (AD-SVFs) and Human Adipose-Derived Mesenchymal Stem Cells (AD-MSCs): Enzymatic Digestion Versus Mechanical Centrifugation. (2019)
- PMC: Mesenchymal stem cells can participate in ischemic neovascularization. (2009)
- MHLW (जापान): पुनर्योजी चिकित्सा — स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय, जापान
पर्यवेक्षक चिकित्सक
निदेशक, मेडिकल कॉर्पोरेशन शिमादा क्लिनिक
क्लिनिकल प्रैक्टिस प्रमुख, Grand Green Osaka Umekita Clinic
हिदेनोरी शिमादा (Hidenori Shimada)
2005 में तोकुशिमा विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय से स्नातक किया। अपनी प्रारंभिक रेज़िडेंसी के बाद, उन्होंने अमेरिकी चिकित्सा प्रमाणन (ECFMG) प्राप्त किया और वाशिंगटन विश्वविद्यालय में सामान्य सर्जरी में सब-इंटर्न के रूप में प्रशिक्षण लिया। क्योटो विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ मेडिसिन से डॉक्टरेट कार्यक्रम पूरा करने और क्योटो विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर iPS सेल रिसर्च एंड एप्लीकेशन (CiRA) में एक शोधकर्ता के रूप में काम करने के बाद, उन्होंने 2013 में शिमादा क्लिनिक की स्थापना की। Grand Green Osaka Umekita Clinic (https://umekitaclinic.org) में, वह आंतरिक चिकित्सा और बाल रोग से लेकर सेल थेरेपी और सौंदर्य चिकित्सा तक, देखभाल की एक विस्तृत श्रृंखला में लगे हुए हैं।
* इस लेख का चिकित्सक पर्यवेक्षण केवल इसकी अकादमिक सामग्री को कवर करता है और किसी विशिष्ट उपचार या उत्पाद की सिफारिश नहीं करता है।